यही कमी है कि मानव अधिकारों के बारे में भारत जैसे देश में भी जागरुकता की कमी है। खास तौर पर गरीब तबके की तरफ कम ही लोगो का ध्यान जाता है। अपनी जरुरतें, अपने अधिकार और अपनो के लिए जीने से बढकर भी काफी कुछ है। वो है मानव सेवा, नर सेवा, जनसेवा। क्या हम इसके लिए समय निकालते है, या इसके खुद कुछ करते हैं। अगर नहीं, तो कमी कहां है। क्या हमारा काम बस अपना ही अपना ही हित साधना है। ऐसे ही देश, मानवता और समाज की सेवा के लिए संकल्पित संगठन है, वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन। आप इससे जुडकर भी जागरुकता व मानव अधिकारों के हनन को रोकने मे साथ दे सकते है।
अगर आप भी से जुडना चाहते है तो औपचारिकताओं, डाक्यूमेंटस, सहयोग राशि, नियम शर्तों आदि की जानकारी लेने के लिए वटसअप पर अपनी डिटेल्स भेजें।